(UPTET : Another SHOCK to TET Candidates)
Candidates planing to move in court against Postal Department -
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वरिष्ठ संवाददाता, इलाहाबाद : शिक्षक पात्रता परीक्षा के अभ्यर्थियों की मुश्किलें उनका पीछा नहीं छोड़ रही हैं। पहले टीईटी आवेदन के लिए रतजगा करना पड़ा। फिर शुरू हुआ संशोधनों का सिलसिला, जोकि परीक्षा परिणाम तक जारी रहा। अब बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापकों के पदों पर भेजे गए आवेदन पत्र डाक विभाग से वापस आ रहे हैं। अभी तक हजारों की संख्या में आवेदन पत्र वापस आ चुके हैं। विडंबना यह है कि 26 दिसंबर को भेजे गए आवेदन पत्र भी थोक के भाव वापस आ जा रहे हैं। इससे छात्रों के अध्यापक बनने के अरमानों पर पानी फिरता दिख रहा है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा 13 नवंबर को शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन किया गया था। 25 नवंबर को परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया गया। पहले विज्ञप्ति में संशोधन और इसके बाद परीक्षा परिणाम में संशोधनों का सिलसिला। इतने संशोधनों के बाद भी जब अभ्यर्थियों को राहत नहीं मिली तो हाईकोर्ट चले गए। हाईकोर्ट ने सभी अभ्यर्थियों की आपत्तियां लेने और उनके निस्तारण का आदेश दिया। टीईटी परीक्षा में शामिल होने और सफल होने में अभ्यर्थियों को चकरघिन्नी हो जाना पड़ा। कदम-कदम दुश्वारियों ने रास्ता रोका।
इसके बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रदेश में 72,825 पदों पर आवेदन पत्र मांगे। पहले अधिकतम पांच जिलों से आवेदन भरने की टूट दी गई। बाद में इसके खिलाफ अभ्यर्थी हाईकोर्ट चले गए। हाईकोर्ट ने पांच जिलों से आवेदन करने की छूट को खत्म कर दिया और व्यवस्था दी कि अभ्यर्थी मनचाहे जिलों से आवेदन कर सकेंगे। पहले आवेदन भेजने की अंतिम तारीख 19, बाद में हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद 9 जनवरी कर दी गई। विडंबना यह है कि जिन अभ्यर्थियों ने 26 दिसंबर को भी आवेदन पत्र स्पीडपोस्ट किया था उनके आवेदन भी लौट आ रहे हैं। विनय कुमार गुप्ता ने दो जनवरी को सतना से एक साथ 40 जिलों में आवेदन पत्र रजिस्ट्री की थी। उसके कई आवेदन पत्र वापस आ गए हैं। इसी तरह पुनीत सिंह, रामकुमार, राजेंद्र तिवारी, अशोक कुमार सहित हजारों छात्र हैं जिनके आवेदन पत्र वापस लौट रहे हैं।
अभ्यर्थियों का कहना है कि 26-27 दिसंबर को की गई रजिस्ट्रियां जिन्हें दो से तीन दिनों में संबंधित डायटों में पहुंच जानी चाहिए थी वे भी लौट आई हैं। ऐसे में बाकी आवेदन पत्र भी न लौट आएं, अभ्यर्थी इसको लेकर आशंकित हैं। अल्लापुर के देवाशीष ने 50 रजिस्ट्रियां 27 दिसंबर को की थीं, जिसमें से 30 वापस आ गई हैं। यही हाल रितिका श्रीवास्तव, उपमन्यु, उन्नति आदि का भी है। अभ्यर्थियों ने डाक विभाग की इस लापरवाही के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर करने का मन बनाया है।
New : Jagran (21.1.12)
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