एक-एक पद पर 350 आवेदन
(UPTET : 350 Applications against One Post )
फीरोजाबाद। शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पर लगी रोक हटी तो एक पद पर 350 आवेदक दावा करेंगे। जनपद में सृजित 48 पदों के लिए जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान नगला अमान पर सूबे के प्रत्येक जनपद से आवेदन मिले हैं। आवेदन की संख्या 16000 का आंकड़ा पार कर गई है। फिलहाल डायट प्रशासन भर्ती प्रक्रिया पर लगी रोक हटने का इंतजार कर रहा है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा संपन्न कराई गई शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के बाद प्रदेश शासन ने शिक्षक भर्ती प्रक्रिया की विज्ञप्ति जारी की थी। इस पर फिलहाल रोक लगी हुई है, लेकिन जब तक रोक नहीं लगी थी तब अंतिम तिथि तक हजारों आवेदन जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान नगला अमान पर प्राप्त हो चुके थे। न सिर्फ फीरोजाबाद वरन प्रदेश के अधिकांश जनपदों के आवेदकों ने अपनी किस्मत आजमाई है। खास बात है कि जनपद में शासन ने शिक्षक भर्ती के लिए महज 48 पद सृजित कर रखे हैं। इन्हीं पदों पर शिक्षकों की भर्ती आरक्षण के अनुसार की जानी है। इसके लिए 16800 आवेदन डायट को मिले हैं। देखा जाए तो औसतन एक सीट पर 350 अभ्यर्थी की दावेदारी है। हालांकि टीईटी की मेरिट के आधार पर चयन किया जाना है। आवेदन को कंप्यूटर में फीड कर दिया है। अब सिर्फ देरी भर्ती प्रक्रिया पर लगी रोक हटने की है। इस संबंध में डायट प्राचार्य देवेंद्र कुमार गुप्ता बताते हैं कि जब तक शासन से कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं मिलते और रोक नहीं हटती तब तक कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा।
News : Amar Ujala (6.2.12)
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डाक विभाग की लापरवाही का भुगत रहे खामियाजा
(Candidates suffering problems due to careless working of Postal Department)
बोझी (मऊ) : डाक विभाग की लापरवाही का खामियाजा टीईटी की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद अध्यापक बनने का मंसूबा पाले अभ्यर्थियों को भुगतना पड़ रहा है। इनके द्वारा रजिस्टर्ड डाक व स्पीड पोस्ट से भेजे गए आवेदन वापस आ रहे हैं।
प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक बनने के लिए टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करने के पश्चात अभ्यर्थियों ने विभिन्न जिलों में आवेदन भेजा था। डाक विभाग उन आवेदन पत्रों को अंतिम तिथि पर नही पहुंचा सका। विलम्ब से पहुंचे आवेदन पत्रों को विभाग ने लेने से इंकार कर दिया। लाचार डाक विभाग उन अभ्यर्थियों के आवेदन को वापस भेज रहा है। इससे अभ्यर्थियों के अरमानों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। मंयक, मृदुल, दिप्ती, पंकज, दिनेश, विकास, संतोष जैसे सैकड़ों लोग ऐसे हैं जिनका कहना है कि उन्होंने आवेदन तो समय से किया था। वे वापस आ रहे आवेदन के लिए डाक विभाग को जिम्मेदार मान रहे हैं।
News : Jagran (6.2.12)
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